सदाचार ही भ्रष्टाचार दूर कर सकता है


(हिन्दुस्तान-लखनऊ-05/07/2011)

कल पूर्व प्रधानमंत्री स्व.गुलजारी लाल नंदा की ११३ वी जयंती ‘नंदा स्मृति संस्थान’के तत्वाधान में गांधी भवन ,लखनऊ में मनाई गई,जिसमें विचारकों ने ‘सदाचार’द्वारा भ्रष्टाचार दूर करने के नंदा जी के प्रयास को पुनर्जीवित किये जाने पर बल दिया.

गुलजारी लाल नंदा जी एक दबंग -ईमानदार व्यक्तित्व के धनी थे.सादगी पसंद नंदा जी को सितम्बर  १९६३ में नेहरू जी ने गृह मंत्री बनाया था.उनके निजी सचिव रहे श्री राम प्यारे त्रिवेदी ने बताया कि,तब उन्होंने लोक-सभा में कहा था,-“दुसरे विश्व युद्ध के बाद भारत में जो भ्रष्टाचार बढ़ा है,वह अभी शुरुआती दौर में है किन्तु यदि इसे रोका न गया तो यह रेगिस्तान बन कर विकास की दरिया को आगे बढ़ने नहीं देगा.इसलिए मैं दो वर्षों में भ्रष्टाचार मिटा देने का संकल्प लेता हूँ”.
नंदा जी ने काफी सख्ती की और अपने निवास पर रोजाना जनता से उसकी समस्याएं सुन कर उनका समाधान कराना शुरू किया.भ्रष्ट लोगों को काफी पीड़ा हुई.एक रोज निर्धारित समय समाप्त होने से थोडा पहले एक व्यक्ति आया और लाईन में लगे दुसरे व्यक्ति को रु.५००/-देकर अगले दिन आने के लिए घर भेज दिया और खुद उसकी जगह लग गया.न.आने पर नंदा जी ने उसकी समस्या पूँछी तो वह बोला कि,मैं आपको यह बताने आया हूँ कि आप कभी भ्रष्टाचार दूर नहीं कर सकेंगें क्योंकि मैं भ्रष्टाचार के जरिये ही आप तक पहुंचा हूँ.उसने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए लाईन में खड़ा था उसे उसने रु.५००/-देकर भगा दिया और उन्हें सिर्फ यही बताने आया है.नंदा जी अपने निवास पर खेले गए भ्रष्टाचार के खेल से विस्मय में पड़ गए.वह उस व्यक्ति को कुछ जवाब देने में असमर्थ थे परन्तु उनको बोद्ध हो गया.
(शाहजहांपुर में ‘नेशनल हेराल्ड’में यह समाचार तब पढ़ा था और याद है)
११ नवम्बर १९६६ को गृह मंत्री पद से त्याग-पत्र देने के बाद त्रिवेदी जी के अनुसार नंदा जी ने कहा-“मैं समझता था कि केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार समाप्त कर देने की शक्ति है ,किन्तु वह शक्ति केवल समाज में है .इस दिशा में यदि मुझे एक अकेला सुझाव देने को कहा जाए तो मैं जनता से कहूंगा कि वह लोकपाल की नियुक्ति पर दबाव डाले ,जिसका कार्यक्षेत्र स्वतंत्र होगा”.
अब से ४५ वर्ष पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री रहे नंदा जी ने ‘लोकपाल’नियुक्त किये जाने की बात कही थी और पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौडा जी के कार्यकाल में पहली बार लोकपाल बिल लोक सभा में पेश किया गया था जिसके पीछे भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के गृह मंत्री का.इन्द्रजीत गुप्त और कृषि मंत्री का.चतुरानन मिश्र जी का दबाव था.लेकिन अन्ना और रामदेव की सपोर्टर भाजपा ने तब कांग्रेस से मिल कर उस सर्कार को गिरवा दिया था और आज तक उस बिल को पास होने नहीं दिया है.
हरियाणा की एक याचिका के आधार पर अन्ना के विरुद्ध दो लाख रु.गबन करने का मुकदमा अदालत में विचाराधीन है और वह भ्रष्टाचार दूर करने के मसीहा माने जा रहे हैं.रामदेव करोड़ों के घपले में फंसे हैं और नादान लोग उन्हें भ्रष्टाचार विरोधी संत कह रहे हैं.कितना क्रूर मजाक चल रहा है इस देश में ,चोर को कोतवाल बनाने की मुहिम चल रही है.विस्तृत जानकारी के लिए प्रेम सिंह जी के लेख का अवलोकन करें.
१९६९-७१ में जब बी.ए.में मेरठ कालेज में पढ़ रहा था तो हमारे पोलिटिकल साईंस के प्रो.के.सी.गुप्त जी बताया करते थे कि,भ्रष्टाचार पानी की भांति ऊपर से नीचे की और चलता है और ‘सदाचार’ धुएं की तरह नीचे से ऊपर की और उठता है.नंदा जी ने इसी लिए ‘सदाचार समितियों’ का गठन कराया था.उनका जोर समाज में सदाचार फ़ैलाने पर था ,यदि सम्पूर्ण समाज सदाचारी हो जाए तो भ्रष्टाचार टिक ही नहीं सकता.अतः समाज को सदाचारी बनाए बगैर भ्रष्टाचार दूर कर देनें की बातें कोरा ढकोसला ही हैं.समाज को भ्रष्ट बनाने में तथा-कथित धार्मिक कुरीतियों का ही प्रबल योगदान है.इन पर कौन कुठाराघात कर रहा है? अन्ना या रामदेव? इन दोनों को आर.एस.एस.समर्थन दे रहा है जो एक अर्ध-सैनिक संगठन है और वर्ग-विशेष की तानाशाही स्थापित करना जिसका मूल लक्ष्य है.लोकतंत्र समर्थकों को इस साजिश को समझना चाहिए.
नंदा जी दो बार प्रधानमंत्री रहे ,गृह मंत्री रहे और एक बार इंदिराजी के संकट के समय उनके रेल मंत्री भी रहे.उन पर भ्रष्टाचार की एक उंगली भी नहीं उठायी जा सकती.बेहद सादगी से सरल जीवन व्यतीत करते थे ,वह जिस अपार्टमेन्ट में दिल्ली में रहते थे अधिकाँश को पता भी नहीं था कि एक महान व्यक्तित्व भी उन्हीं के अपार्टमेन्ट में रह कर समाज सेवा कर रहा है.एक बार आग के धुएं में घिर कर नंदा जी बेहोश हो कर गिर पड़े थे -साधारण इंसान समझ कर किसी ने भी उन्हें मदद करना मुनासिब नहीं समझा,इत्तिफाक से एक जानकार की निगाह उन पर चली गयी तब उसने उन्हें रहत प्रदान कराई और गुजरात में प्राईवेट सेवारत उनके पुत्र को सूचित किया जो आकर उन्हें अपने साथ लिवा ले गए.समाज अपने एक ईमानदार राज नेता के लिए कुछ नहीं कर सका.
आज समाज से यदि सच में भ्रष्टाचार को दूर करना है तो नंदा जी के बताये मार्ग पर चल कर ‘सदाचार समितियां ‘ बनाई जाएँ और समाज को सुधारा जाए,कुरीतियों को मिटाया जाए,ढोंग-पाखण्ड को नष्ट किया जाए .इतना करने पर भ्रष्टाचार तो खुद-ब- खुद ख़त्म हो जाएगा.
Advertisements

7 comments on “सदाचार ही भ्रष्टाचार दूर कर सकता है

  1. पूर्व प्रधानमत्री रह चुके श्री गुलजारी लाल नंदा जी के बारे में कई नयी बातें भी मालूम हुईं.यह सही है कि हर व्यक्ति को अपने स्तर पर प्रयास करना होगा.लेकिन यह कहना आसान है मगर प्रेक्टिकल बहुत मुश्किल है. आज से सालों पहले से यह स्थिति है अब तो और अधिक बिगड चुकी है.कुछ ही लोग हैं जो ईमानदार हैं अन्यथा अधिकतर सरकारी महकमों में बिना लिए -दिए पत्ता भी नहीं हिल सकता.कुछ सेवा विभागों का तो निजीकरण कराया जाना भी एक उपाय दिखता है.

  2. @ यदि सच में भ्रष्टाचार को दूर करना है तो नंदा जी के बताये मार्ग पर चल कर 'सदाचार समितियां ' बनाई जाएँ बहुत अच्छा विचार है। उम्दा आलेख।

  3. नंदा जी के विचार पढ़कर अच्छा लगा । सच है कि भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए पहल तो जनता को ही करनी पड़ेगी ।

  4. सच में भ्रष्टाचार सदाचार से ही दूर होगा ……सदाचार जिसे आम जन से लेकर सरकार तक सब अपनाएं ….

  5. Vijai Mathur says:

    १९७० में मेरठ कालेज में पोलिटिकल साईंस के प्रो.एम्.पी.शर्मा साहब ने बताया था जब वह वित्त मंत्रालय में ३०वर्श पूर्व थे तब वहाँ एक भी ईमानदार व्यक्ति नहीं था जिस कारण वह त्याग-पत्र देकर शिक्षा-क्षेत्र में आये.ईस्ट इण्डिया क.ने मुगलों को रिश्वत देकर दीवानी अधिकार प्राप्त किये थे.भ्रशाचार काफी पुराना है यह तो सत्य है,परन्तु १९८० में आर.एस.एस. के समर्थन से सत्ता में आने पर इंदिराजी ने जो आर्थिक नीतियां अपनाईं उनके कारण भ्रष्टाचार द्रुत-गति से बाधा है.१९९१ से नव-उदारवाद की नीतियां चलने से इसकी पराकाष्ठा हो गयी है.अतः जब प्रत्येक घर-परिवार सदाचार का संकल्प ले -ले तो समाज में भ्रष्टाचार का टिकना कैसे संभव होगा?यही दृष्टिकोण था नंदा जी का जो बेहद प्रेक्टिकल है.परिवार सदाचार पर क्यों नहीं चल सकते?

  6. बहुत अच्छा विषय….बहुत अच्छा आलेख….

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s