यह दुनिया है रंग-रंगीली


दुनिया लूटो मक्कर से ,रोटी खाओ घी शक्कर से ।

जिन लोगों का उपरोक्त सिद्धान्त है वे चाहे ब्लाग जगत मे हों ,समाज सेवा मे,समाज सुधार या राजनीति मे मज़े ही मज़े मे हैं। लेकिन यदि कोई मेरी तरह वाकई जन हित मे ,निस्वार्थ सेवाएँ प्रदान करता है तो प्राप्तकर्ता उसका कैसे मखौल उड़ाते हैं ,निम्नांकित  ब्यौरे से यह स्पष्ट हो जाता है। यह तीसरा मामला है जिसमे लाभार्थी द्वारा एहसान फरामोशी का व्यवहार किया गया है। इससे पूर्व विदेश स्थित प्रो डॉ ए पी मिश्रा और पूना प्रवासी ब्लागर्स ऐसा ही बर्ताव कर चुके हैं।

22 अगस्त को फेसबुक मे दो  टिप्पणियाँ दी थीं –

 1) – 30 -35 आयु वर्ग के युवा ब्लागर्स जो किसी सरकारी उच्च पद पर हैं या शिक्षा जगत मे ऊंचा मुकाम हासिल कर सके हैं ‘घोर अहंकार’ मे डूबे हुये हैं। वे अपने-अपने ग्रुप मे सबको शामिल कर लेते हैं जब उनको दूसरे द्वारा अपने ग्रुप मे शामिल किया गया तो ग्रुप छोड़ गए क्योंकि ग्रुप प्रवर्तक न तो उनके ‘आय वर्ग’ का था और न ही कोई ओहदेदार। कितना उचित है यह व्यवहार?

2)-  ‘रेखा के राजनीति मे आने ‘के संबंध मे 19 अप्रैल 2012 को एक पोस्ट ‘क्रांतिस्वर’ मे दिया था और 26 अप्रैल को राष्ट्रपति महोदया ने उनको ‘राज्य सभा ‘ मे मनोनीत कर दिया था। IBN7 के एक पत्रकार के ब्लाग पर पूना प्रवासी एक ब्लागर( जिसने अपने बच्चों
की चार (4 ) कुंडलियाँ पहले मुझसे विश्लेषण करवा ली थीं )ने उसकी खिल्ली उड़ाई और अब उनके शिष्य द्वारा उनको ‘द्रोणाचार्य’ की पदवी दी गई है। पदवी दाता ने भी मुझसे चार (4 ) कुंडलियों का विश्लेषण हासिल किया था। प्रश्न यह है कि यदि वह ब्लागर द्रोणाचार्य हैं तो ज़रूर किसी न किसी ‘एकलव्य’ का अंगूठा काटा होगा ?इसमे कोई संशय नहीं होना चाहिए।

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इसके पश्चात बुधवार 22 अगस्त को ही संबन्धित ब्लागर की प्रातक्रिया और उत्तर-प्रत्युत्तर इस प्रकार हैं-

 

    • मैं अभी भी नहीं समझ पा रही की रश्मि प्रभा जी ने खिल्ली उढ़ाई होगी आपकी किन्तु मैं आपके ज्ञान की पूरी पूरी इज्जत करती हूँ। आप लोग बात करें ना करें हमेशा करती रहूँगी। सादर
  • Vijai RajBali Mathur

    • सोनिया जी ,आप ब्लाग लिखना यथावत चालू रखें। जब हम लोग आपके घर आए थे और आपके यहाँ भोजन भी किया था तब आपको स्पष्ट बतलाया भी था कि,रश्मि प्रभा जी ने किस प्रकार अपने बच्चों की जन्म पत्रियाँ बनवाने के पश्चात तीसरे ब्लाग पर खिल्ली उड़ाई थी और यशवन्त को ठगने का प्रयास किया था। सब जानकारी के बावजूद रश्मि जी का जो गुण गाँन आपने किया उसे हम अपने ऊपर ‘जले पे नमक छिड़कना’ ना समझें तो क्या समझें?खैर आपने यशवन्त को पहले भी पूना मे नौकरी करने का आफ़र किया था। मैंने यशवन्त को आपसे संपर्क न रखने को कहा है और वह उसी का पालन कर रहा है। मैंने ही उसे रश्मि जी से संपर्क न रखने को कहा था। रश्मि प्रभा जी कानपुर से संबन्धित पंडित ए पी मिश्रा जिंनका नोट आपने देखा होगा तथा कुछ तांत्रिकों की मदद से हम लोगों को निरंतर परेशान कर रही हैं और आप उनके साथ हैं तब आप पर कैसे विश्वास किया जा सकता है?किन्तु आपने टिप्पणी मे हम लोगों को दोषी ठहरा दिया है। हमने ही समझने मे गलती की होगी।
  • सोनिया बहुखंडी गौड़

    • नहीं चाचा जी मैं उस समय वहाँ नहीं थी प्रदीप थे और ये मुझे कोई बात शेर नहीं करते मुझे सुंनकर बहुत बुरा लग रहा है। ये सच बात है मुझे मोटी मोटी बात पता थी अगर वो इतना गलत काम आपके संग कर रही हैं तो मैं उनके साथ मित्रता कैसे रख सकती हूँ। विश्वास करिए की मैं आपको वास्तव मे दिल से अच्छे संबंध की तरह देखती हूँ। हाँ यशवंत को ठगा ये बात मुझे पता थी। आपके मैसेज से मुझे बहुत ही अच्छे रिश्ते की पहचान हूइ। मुझे आभाष हो गया था की आपने ही यश को माना किया होगा। दिल से किसी को नहीं निकाला जा सकता ये भी मैं जानती हूँ। रश्मि जी ने जब मेरे से कविता मांगी थी तो मैंने यश से पूछा था अगर आप मन से मुझे बेटी मानते तो बोलते की कोई जरूरत नहीं। देने की…. बिना पिता की बेटी हूँ आपसे स्नेह मिला तो लगा पापा फिर से मिल गए। आप यश को रोक सकते हैं आपका बेटा है। मैं तो बस दो दिन की ही बहन बन पाई दुख हुआ दिल से। अगर लगे की मैं सच कह रही हूँ तो यश से कहना की मेरे से बात करे। frown आप लोगों की मुझे जादा जरूरत है नाकी रश्मि जी की
  • सोनिया बहुखंडी गौड़

    • maine us post ko hi delete kar diya hai…. agar aap chahen to rishta banaye rakhen…. aapki marji sadar
  • Vijai RajBali Mathur

    • सोनिया जी आपके दो मेसेज एक साथ आज ही देखे। आपने जो लिखा वह आपका अधिकार था मैंने उसे हटाने की अपेक्षा नहीं की थी। जहां तक मुझे याद है प्रदीप जी से ज्योतिष,राजनीति और यशवन्त की पढ़ाई-नौकरी के बारे मे ही बात हुई थी। रश्मि जी के बारे मे बात सीधे आप ही से हुई थी। आप भूल गई हों तो अलग बात है। यदि आपको रश्मि जी से कोई लाभ हो तो मैं नहीं चाहूँगा कि आप उनसे ब्रेक-अप करें। मैं खुद अपनी तरफ से आश्वस्त कर सकता हूँ कि हम लोग आप लोगों का कोई नुकसान नहीं करेंगे। जब तक रश्मि-प्रभा जी की हरकतें बंद नहीं हो जातीं तब तक के लिए मैं अभी यशवन्त को चुप ही रहने देना चाहता हूँ। वैसे फिलहाल अरुण प्रकाश मिश्रा की तरह अभी मैंने रश्मि प्रभा पर जवाबी हमला नहीं किया है परंतु आपकी तरह उनको कन्सेशन भी नहीं देने जा रहा।
  • सोनिया बहुखंडी गौड़

    • Mujhe unse koi profit nahi. Hindi yugm k publisher ne mujhe niji msg de kar gujarish ki thi review likhne k liye. Wo review apne aap me ek kataksh tha dronacharya wala ex. Jiska uttar aap ne apne cmnt me de diya tha. Eklavya ka. Aur adhikar aapka bhi kuch bhi kahne ka ek baar phn to karte aap daante mujhe. Aap logon ne to mera phn bhi nahi pick kiya
  • Vijai RajBali Mathur

    • Ph.jaanboojh kar attend naheen karte hain. aap yahan msg par hee kahen. daantne ka prashn hee naheen hai. n hee hame shikvaa hai. keval apne man kee baat bata dee thee. aap nishchint rahen.
  • सोनिया बहुखंडी गौड़

    • Shukriya mathur jee. B happy with ur family. Ishwar sada aape saath rahe. Good bye

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One comment on “यह दुनिया है रंग-रंगीली

  1. ये सब क्या है????

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